ये दिल अब पहले जैसा किसी पर भरोसा नहीं करता।”
हम भी परिंदों की तरह उसकी एक झलक के भिखारी बन गए,
पर मैंने तुम्हें उन लोगों में कभी गिना ही नहीं था…!!
तेरी यादों में डूबकर… चाँद से भी रूठ गए।
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
आपकी एक छोटी-सी प्रतिक्रिया हमारे लिए बड़ी प्रेरणा है।
खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
और तो और ये दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,
हमारी ज़िंदगी से किसी ने एक चीज़ चुपके से छीन ली…
जब पिंजरे से प्यार Sad Shayari in Hindi हुआ, तो रिहाई का वक्त आ पोहोंचा…!
फिर हमें ही इतना रुला देना… हे खुदा, ये कैसा इम्तिहान है।
दुखी मन के लिए दो लाइन की शायरी क्या है?
जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे, तो इस्तमाल किए जाओगे।